तुम...! आदमी अच्छे नहीं...



तुम...!
आदमी अच्छे नहीं हो,
अच्छी कविता
कैसे लिख सकोगे....?

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निकल आते हैं आंसू हंसते-हंसते,ये किस गम की कसक है हर खुशी में .