श्रीश उवाच .......

बहुत दिनों से ब्लॉग लिखना चाहता था.धन्यवाद गूगल को.
एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

“ सहज..2010..”

निकल आते हैं आंसू हंसते-हंसते,ये किस गम की कसक है हर खुशी में .

वो भूंकते कुत्ते...